यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने किया हमला , इस्तेमाल किया ये खतरनाक हथियार

यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने सोमवार सुबह भी कैमिकेज ड्रोन से हमला किया। इस हमले में कई रिहाइशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। एक सप्ताह के अंदर भी दूसरी बार है जब रूस ने कैमिकेज ड्रोन से यूक्रेन को चोट पहुंचाने की कोशिश की है। आइए जानते हैं कि आखिर यह कैमिकेज तकनीक क्या है जिसके जरिए रूस यूक्रेन का ज्यादा से ज्यादा नुकसान करने की कोशिश कर रहा है।

यूक्रेन का कहना है कि रूस ईराने के शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. रूस ने खुद इन्हें अपग्रेड किया है। ये ड्रोन बहुत तेजी से उड़ान नहीं भरते हैं बल्कि धीरे-धीरे चलते हैं। लेकिन एयर डिफेंस सिस्टम इनको पकड़ नहीं पाता।

टारगेट पर पहुंचने से पहले भी अगर इनको नष्ट किया जाता है तब भी ये नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगस्त के आखिरी में ईरान से रूस को ऐसे 1 हजार ड्रोन मिले हैं। रूस का मानना है कि यूक्रेन के एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम को नष्ट करने के लिए इन ड्रोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन ड्रोन की खासियत है कि ये हजारों किलोमीटर तक उड़कर पहुंच सकते हैं और फिर घंटों आसमान में ही  इंतजार  कर सकते हैं। यूक्रेन इन ड्रोन से बचने के लिए इजरायल की मदद ले सकता है क्योंकि इजरायल पहले से भी इन ईरानी ड्रोन का सामना करता रहा है और उन्हें नष्ट करता रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि कैमिकेज ड्रोन और मिसाइल हमले कि वजह से लोग दिन रात डरे रहते हैं। दुश्मन हमारे शहरों पर हमला कर सकता है लेकिन हमें तोड़ नहीं सकता।
कैमकेज का इस्तेमाल दूसरे विश्वयुद्ध के समय जापान ने किया था। लड़ाकू विमानों में भारी मात्रा में गोला-बारूद लादकर पायल टारगेट को हिट करता था। यह आत्मघाती हमला था। हमला वहीं किया जाता था जहां दुश्मन का ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो। उसी तरह अब ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है जिसमें कोई पायलट नहीं होता। ड्रोन तब तक मंडराता रहता है जब तक वह टारगेट को लोकेट नहीं कर लेता।

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